ROM-BIOS service in Hindi & properties of DOS, Sun & Unix in hindi

ROM-BIOS service in Hindi

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Introduction

ROM-BIOS किसी PCs के लिए IBM corporation के द्वारा बनाया गया था जो कि विभिन्न type के elegents service किसी programme में incorporate करने के लिए use कर सकते हैं। अत्यधिक case में ये software modules होते हैं जो कि PCs hardware को directly control करने के लिए function provide करता है। ROM-BIOS service को use करने का disadvantages problem application program में आ जाता है।

ROM-BIOS services

ROM-BIOS के द्वारा user program में अनेक service का use कर सकता है। इस service काम के द्वारा user program को direct control करता है। इस service का use करते समय user में यह आवश्यक होता है कि machine में उपस्थित actual hardware से अधिक कार्य किया जाए। इस service का use करने के लिए आवश्यक sequence register में properly initialize करते हुए INT N instruction का  use किया जाता है। इसे interrupt signal करने पर या signal को call करने पर उनसे जुड़े हुए service execute होते हैं और result बताते हुए register में प्राप्त होते हैं।

Categories of ROM-BIOS services

ROM-BIOS diskette services INT 13 H

इसमें call करने के लिए INT 13 instruction के द्वारा use किये जाते हैं। इसमें छः function use किये जाते हैं-

  1. Function 00H, INT 13 H : इस function का use diskette controller को reset करने के लिए किया जाता है। 
  2. Function 01H, INT 13 H : इस function के द्वारा floppy diskette controller का status ज्ञात होता है।
  3. Function 02H, INT 13 H : इसके द्वारा memory के diskette में उपस्थित data को read किया जाता है।
  4. Function 03H, INT 13 H : इसके द्वारा memory में  data को diskette में उपस्थित data को लिखा जाता है (write किया जाता है)।
  5. Function 04H, INT 13 H : इसके द्वारा diskette service को transfer किया जाता है।
  6. Function 05H, INT 13 H : इसके द्वारा formal diskette को track किया जाता है।

ROM-BIOS serial port services

इस service को INT 14H निर्देशों में call किया जाता है इस service के माध्यम से asynchronous communication adapter card के serial com1 & com 2 को initialize और interface किया जा सकता है।   इन serial parts के status का इन service के माध्यम के द्वारा हम actually service को जान सकते हैं और result AH resgister में लिखे जाते हैं।

इन service के द्वारा निम्न चार function support होता है-

  • Function 00H,14H : इस function के द्वारा communication parts को initialize किया जाता है और modem तथा parts के status read किया जाता है।
  • Function 01H,14H : Transmission के लिए data को लिखा जाता है और इसके साथ साथ ports status को भी लिखा जाता है।
  • Function 02H,14H : इसके द्वारा प्राप्त किये गए data को read किया जाता है और port के status को भी read किया जाता है। 
  • Function 03H,14H : इसके द्वारा communication part का status read किया जाता है।

ROM-BIOS keyboard service INT 16H

इन group service को INT 16 निर्देश के द्वारा call किया जाता है  इसके द्वारा तीन function निम्न हैं -
  • Function 00H, INT 16 H : Keyboard से character को read किया जाता है यहाँ ASC2 तथा scancode को भी report किया जाता है।
  • Function 01H, INT 16 H : Keyboard status को read किया जाता है यह देखने के लिए की कौन सी key press की गई है। यदि किसी key को press किया गया है तो उसका ASC2 code व scan code return किया जाता है। 
  • Function 02H, INT 16 H : keyboard में उपस्थित shift और toggle key के state को प्राप्त किया जाता है। 

The ROM-BIOS printer service

इन service को ROM-BIOS के द्वारा INT 17 H से call किया जाता है। इन call से parallel printer part को initialize printing के लिए data को लिखा जाता है और printer के status को read किया जाता है।
  • Function 00H, INT 17 H : Printer को character भेजा जाता है।
  • Function 01H, INT 17 H : Parallel printer port को  initialize किया जाता है।
  • Function 02H, INT 17 H : Designeted printed का status प्राप्त किया जाता है। 

Miscellaneous services

ROM-BIOS के द्वारा विभिन्न प्रकार के function दिए गए हैं जो निम्न हैं -
INT 05H : इसके द्वारा 2 pi screen में उपस्थित जानकारी को print किया जाता है।
INT 11H : Peripheral की list दी जाती है।
INT 12H : Memory size प्राप्त किया जाता है।
INT 18H : PC के ROM basic को load किया जाता है। 
INT 19H : PC को reboot किया जाता है।
INT 1AH : इसके द्वारा clock तथा time of day दिया जाता है।

Properties of SUN

Solaris एक 32-bit operating system है जो sun-company के द्वारा develop किया गया था। यह user को graphical interface provide करता है, इसका currently version 2.0 available है। SUN का subsidary and soft company के द्वारा इसका अपना version UNIX develop किया गया था जिसे open window कहा गया। Open window में UNIX के अलावा open look graphical look and feet desktop manager derivative के रूप में उपलब्ध है। यह पूरा बंडल solaries कहलाता है। SUN company के द्वारा अन्य 64 bit operating system उपलब्ध कराए गए हैं जैसे solaries version 7, Solaries 7 का installation तथा अन्य user oriented automation तथा अन्य user automatiom tools के द्वारा अधिक user friendly बनाया गया है। Solaries 7 के intel processor या sun spare processor का use किया जाता है इस 64 bit solaries में 32 bit solaries की अपेक्षा programme running speed अधिक fast होती है। Recently sun company ने solaries 8 develop किया है यह UNIX का ही एक version है।

Solaries 8 operating system ultra space 3 processor use करता है। वो सभी application जो solaries 2.6 तथा solaries 7 में भी run होती है व आसानी से solaries 8 में run करायी जा सकती है।



Properties of DOS

Microsoft DOS एक single user operating system है जो microsoft company के द्वारा develop किया गया था। MS-DOS, microsoft disk operating system का short form है। यह 1981 में introduce हुआ था, इस popular operating system का use IBM में PC;P तथा PC-AT के लिए किया गया था। IBM के द्वारा develop किया गया operating system C-DOS कहलाया।

यह एक प्रकार का system software है जिसे MS-DOS के नाम से जाना जाता है। DOS, application software के लिए basic plateform provide करता है। DOS, hard disk या floppy में रहता है और साथ ही हमारे computer को operate करता है। इसी कारण से इसे DOS operating system कहा जाता है यह एक typical interface software है जिसके द्वारा हम सारे काम computer के keyboard की सहायता से करते हैं। DOS में सारे instruction या command keyboaard की सहायता से दिए जाते हैं।


DOS

Properties of UNIX

UNIX एक multitasking तथा multiuser operating system है। Bell laboratories के द्वारा 1969 में develop किया गया था। यही बड़ी machine के लिए develop किया था जिसे सबसे पहले mini-main frame server तथा super computer पर रन किया गया था, इसे powerful 32 bit personal computer के साथ भी उपयोग किया जा सकता है। इस system में user, user ID के साथ identify किया जाता है तथा computer को access करने के लिए password देना आवश्यक होता है। UNIX को 8-10 MB memory की आवश्यकता होती है तथा छोटे छोटे system के साथ use करना कठिन होता है। UNIX को engineer तथा programmers के लिए design किया गया था।

UNIX Architecture



आशा करता हूँ कि आप ROM-BIOS services in Hindi में ROM-BIOS service क्या होता है इसके catoegories क्या क्या हैं तथा, properties of SUN, DOS और UNIX के बारे में जानकारी प्राप्त कर चुके हैं। लेख अच्छा लगा हो तो इसे जरूर शेयर करें। 

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