File structure of DOS in hindi

Explain File structure of DOS ?

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Introduction

DOS के द्वारा operating system के user को आवश्यक कार्य करने के लिए जिन function की आवश्यकता होती है उन्हें दे दिया जाता है। DOS के द्वारा ऐसे कई service भी दिए जाते हैं जिसके मदद से user DOS के program को लिख सकता है। इन्हें विभिन्न function call के द्वारा INT 21 H के अंतर्गत उपयोग किया जाता है। ROM-BIOS के द्वारा system RAM में program resident में service को बताया जाता है वहीं दूसरी ओर DOS service system RAM में लोड हो जाता है।
जैसे ही DOS load हो जाता है ROM-BIOS service से DOS के द्वारा दी जाने वाली service अधिक उपयोगी होती है। 

Definition of DOS

DOS एक single user operating system है। इसमें graphical user interface की सुविधा नहीं होती है।
इसका पूरा नाम Disk Operating System है।

Fundamental to DOS

DOS program का collection है जो कि कंप्यूटर के overall operation को control करता है। यह user को कुछ इस प्रकार की facility provide करता है format disk, create, print, copy, delete, display file, read data from file allocate memory location process, interrupt etc.

यह user को resources करने के लिए interface provide करता है। Operating system आकार में बहुत बड़ा होता है इसलिए इसे कई part में divide किया जाता है।  Operating system के कुछ भाग memory में हमेशा present होते हैं ये कुछ basic operation को perform करते हैं - 

जैसे  -
  • Memory तथा file को delete करना।
  • User program को terminate करना।
  • Basic I/O operation को perform करना।
  • Operating system का यह pad KERNAL operating system का master program है, जो operating system के अन्य part को co-ordinate करता है।
DOS operating system के अन्य part के कुछ command हैं जैसे - DIR, type, CLS ये memory में हमेशा रहते हैं। जबकि कुछ command जैसे format DISK, COPY, CLSDSK load होते हैं जब उससे संबंधित command execute होते हैं।

Booting process of DOS

Computer को switch on करने की process, booting कहलाती है।
यह दो प्रकार का होता है-
Cold boot
Warm boot

जब computer को boot किया जाता है तो यह disk से कुछ information read कर लेता है, यह disk bootable disk कहलाती है।
  1. जब power on किया जाता है तब BIOS का part जो out routine कहलाता है।
  2. Bootable disk first track तथा first sector पर boot step program होता है वह disk से memory में load होता है।
  3. यदि हम DOS का use कर रहे हो तो यह पहले input/output system तथा DOS system file को search करता है और इन्हें RAM में load करता है।
  4. BIOS processor का type find करके उसे screen पर display करता है। 
  5. BIOS RAM test perform करता है memory size volume को memory के fixed location में store करता है।
  6. BIOS कुछ device जैसे keyboard, floppy disk, hard disk, CD-ROM आदि को check तथा initialize करता है और उन्हें screen पर display करता है।
  7. DOS KERNEL, DOS table को initialize करता है तथा इसके various work area set करता है।
  8. यह device drives को load करता है तथा जो hardware के लिए आवश्यक होते हैं Hardware interrupt के लिए यह appropriate vacuos set करता है।
इसके बाद DOS system या IBM DOS comfile memory में load होती है।
जब system boot हो जाता है तब auto executed batch file में दिए गए command automatically proceed होते हैं।

File structure of DOS 

File structure of DOS in hindi : DOS version 2.0 तथा higher version UNIX के समान hirarchical file structure को support करते हैं।  वह file structure में support एक root directory में start होता है तथा नीचे की तरफ tree के रूप में sub directory में files या अन्य subdirectories होती है। Current directory को default directory की तरह consider किया जाता है। Files को root directory में create करना आवश्यक होता है। यह तब भी सत्य है जब sub directory को sub directory के अंदर create किया जाता है। इसी प्रकार एक sub directory के contents को sub directory को delete करने से पहले erase करना आवश्यक है। 

हम किसी भी समय जिस directory में काम कर रहे हैं उस directory को current directory कहा जाता है। DOS का version 1.0 hierarchical file structure को support नहीं करता है तथा यह root directory का ही use करता है।


The DOS INTERRUPT (INT 20H-2PH)

The DOS interrupt in Hindi : DOS के द्वारा विभिन्न type के DOS interrupt provide किया गया है, वे function निम्न हैं-

INT 20H terminal program

यह interrupt computer program को रोकने (stop) के लिए use किया जाता है। यह ex program के साथ use नहीं किया जाता है। यह interrupt child program को terminate करता है। Termination handler Nc Handle vector को parent program में अनेक वास्तविक मान को रखता है तथा control को वापस parent program connected .com user shell का अन्य कोई program होता है।

INT 22H, 23H, 24H

यहाँ :-
  • INT 22H termination address
  • INT 23 Nc handler address
  • INT 24H critical error handler address 
ये तीनों interrupt अन्य DOS या ROM-BIOS interrupt की तरह प्रयुक्त नहीं होते हैं और directly issue नहीं किये जाते हैं। Interrupt vector (INT 22H) के लिए parent program instruction का address store करके रखता है जो child program termination होने पर control प्राप्त करता है।

INT 25H absolute disk read operation

यह interrupt instructions CPU के segment register को uneffected रखता है लेकिन अन्य सभी register को change कर सकता है इसलिए इस interrupt को call करने के पहले user को आवश्यक सावधानी रखनी होती है।

INT 26H absolute disk write operation

इस interrupt को call करने के समय भी बहुत सावधानी की आवश्यकता होती है क्योकि यह floppy या Hardware के control को change या damage कर देता है। 

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